ज्यादा दिन नहीं हुए, जब 7 साल की सिरजा (बदला हुआ नाम) भी अपनी उम्र की बाकी बच्चियों की तरह चंचल और चुलबुली थी। अब वह बड़ी गंभीर और चुप-चुप सी रहती है। अमूमन वह अपनी मां 32 साल की स्मिता (बदला हुआ नाम) और काउंसलर से ही बात करती है। वह 5 साल की थी, जब उसके नाना ने उसका यौन शोषण शुरू किया था और करीब एक साल तक यह सिलसिला चलता रहा।
सिरजा की मां स्मिता सिंगल मदर हैं। वह पेशे से टीचर हैं और अपने माता-पिता के घर रहती थीं। वह काम पर चली जातीं और उन्हें कुछ पता नहीं होता कि छोटी बच्ची सिरजा को उनकी गैर मौजूदगी में क्या कुछ झेलना पड़ता था। स्मिता ने बताया कि पहले सिरजा काफी बात करती थीं। बाद में उन्होंने गौर किया कि वह चुप-चुप सी रहने लगी है। उससे वजह पूछी तो उसने कुछ नहीं बताया। बस वह उस घर से निकलना चाहती थी। अपने नाना-नानी के साथ रहना उसे अच्छा नहीं लगता था। स्मिता को पहले तो कुछ समझ नहीं आया। पर, धीरे-धीरे उन्होंने बच्ची को विश्वास में लिया, उसे भरोसा दिलाया, तब सिरजा ने अपनी ममी को बताया, 'नानाजी मुझे नीचे (प्राइवेट पार्ट में) टच करते हैं।'स्मिता के लिए यह सदमे जैसा था। मगर, अभी इससे बड़े झटके लगने बाकी थी। घर में जब स्मिता ने यह मसला उठाया तो उन्हें पता चला कि उनकी मां को भी यह बात मालूम थी, पर उन्होंने इस बारे में चुप रहना ही बेहतर समझा। यहां तक कि उनके भाइयों ने भी उनका साथ देने से इनकार कर दिया क्योंकि घर की इज्जत का कबाड़ा करना उन्हें मंजूर नहीं था। स्मिता बताती हैं कि उनके सामने अपने पैरंट्स का घर छोड़ने के अलावा और कोई रास्ता नहीं था। वह घर उन्होंने छोड़ दिया और वह पुलिस में शिकायत दर्ज कराने पहुंचीं। बकौल स्मिता, 'मैं दो बजे दिन में थाने पहुंची थी, मगर मेरी एफआईआर भी आसानी से दर्ज नहीं हुई। पुलिस ऑफिसर मुझे देर तक यह समझाने की कोशिश करते रहे कि परिवार के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाना अच्छा नहीं है मुझे इस मामले को घर में ही निपटाना चाहिए। मगर, मैं नहीं मानी। अपनी बेटी का साथ देना मुझे ज्यादा जरूरी लगा। आखिरकार रात दस बजे एफआईआर दर्ज हुई।' एफआईआर दर्ज होने के बाद उनके घर वाले फरार हो गए और स्मिता को पता नहीं कि पिछले चार महीनों में इस मामले में क्या प्रगति हुई है। स्मिता बताती हैं कि अगर मुझे कुछ कार्यकर्ताओं का समर्थन नहीं मिला होता तो मैं यह लड़ाई जारी नहीं रख पाती।
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6 पुलिसवालों ने थाने में किया गैंगरेप?
पुलिस हेडक्वॉर्टर से चंद कदमों की दूरी पर आईपी एस्टेट थाने में छह पुलिस वालों पर नाबालिग लड़की से गैंग रेप करने का आरोप है। मामले का खुलासा तब हुआ, जब इसी थाने की पुलिस ने पीड़ित लड़की को मयूर विहार में चाइल्ड वेलफेयर कमिटी (सीडब्ल्यूसी) के सामने पेश किया। लड़की ने चार सदस्यों वाली कमिटी के सामने पुलिसवालों पर गंभीर आरोप लगाए।
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ये उनसभी महिलावों को समर्पित है जो एक माँ हैं,बहन हैं,बीबी हैं,बेटी हैं,दोस्त हैं,प्रेमिका हैं,सहयोगी हैं तथा अन्य हैं।पुज्नीय हैं।जिस घर में महिला की इज्जत नहीं होती वो घर भी नहीं बचता,खान-दान का नाश हो जाता है । आज जो महिलावों पर अपनी मर्दानगी साबित कर रहें हैं तथा दहेज़ हत्या ,भ्रूण हत्या,बलात्कार,छेड़-छाड़ ,मारपीट तथा अन्य घृणित अपराध करते हैं वो असल में अपनी माँ के कोख को गाली देते हैं ।उनके खून में अवश्य कोई गन्दगी होगी। कब तक सहेंगी।कब तक ....
Saturday, December 15, 2012
बेटी को इंसाफ दिलाने की कोशिश की तो घर से बेघर हो गई
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