जब से नारी जाति में शिक्षा के प्रति जागरूकता आई है और उसने अपने मुबारक कदम अपनी घर की दहलीज से बाहर निकाले है उसके बाद से ही उसका ज्यादातर रिमोट पुरुषों ने अपने हाथ में रखने की कोशिश की है तो किन्ही विशेष परिस्थितियों में उसने खुद ही पुरुषों के हाथ में चाहे और अनचाहे , अनजाने में ही अपना रिमोट सिस्टम सौंप दिया है …..
अपने नम्बर बढ़वाने + पास करवाने की ऐवज में कभी भूले भटके वोह खुद ही , और ज्यादातर मामलों में जबरन उसका रिमोट कलियुगी शिक्षकों द्वारा अपने हाथ में ले लिया जाता है ….. उसके बाद नौकरी का नियुक्ति पत्र पाने + तरक्की पाने के लिए भी महिलाए अपना रिमोट पुरुषों के हाथ में स्वेच्छा से देती रही है ….. रिशेप्शनिस्ट तथा पर्सनल सेक्रटरी की पोस्ट पर कार्यरत महिलाओं से तो यह आशा हर हाल में की ही जाती है + रखी जाती है की वोह अपने बॉस के रंग में रंग कर उसकी चहेती बन कर दिखलाये …..
महिलाएं किसी भी क्षेत्र में चली जाए बस उनसे एक ही आशा रखी जाती है और बस एक ही अपेक्षा की जाती है ….. महिलाए किसी भी जगह पर सुरक्षित नहीं है यहाँ तक की धार्मिक स्थलों पर भी धर्म के ठेकेदारों ने धार्मिक स्थलो की मान मर्यादा को बार बार भंग किया है तथा वहां पर भी औरतों की इज्जत को तार तार किया है ….. दुःख की बात है की किसी भी धर्म के धार्मिक स्थान इन कामो से अछूते नहीं है , और आजकल के आधुनिक ढ़ोंगी और पाखण्डी बाबाओं के तो कहने ही क्या ?….. शिकायत मिलने पर इनके डेरों से अक्सर ही छापामारी में अश्लील सामग्री के साथ साथ लड़किया मिल जाती है जिनकी आत्मा तक का कंट्रोल स्वामी जी के हाथ में पकडे अद्रश्य रिमोट में समाया होता है …..
और अगर राजनीति की बात करे तो इसके बारे में एक बड़ी ही मशहूर कहावत है की "लुच्चा लफंगा चौधरी और बदनाम औरत प्रधान" ….. इस क्षेत्र में कोई विरली ही महिला होगी जिसका की रिमोट किसी नेता के हाथ में ना हो …. आप सोचते होंगे की सब कुछ पता होते हुए भी औरते इस क्षेत्र में अपनी किस्मत क्यों आजमाती है ….. इस फील्ड में पैसा + शोहरत और सत्ता का आकर्षण इनको अपनी तरफ खींचता है ….. लेकिन अपने अकेली के बलबूते भी शायद ही किसी ने राजनीती में प्रवेश किया हो + पैर रख कर अपना मुकाम बनाया हो ममता दीदी की तरह ….. उनको शुरुआत में या फिर बाद में किसी ना किसी पुरुष का सहारा लेना ही पड़ता है कुमारी जयललिता और कुमारी मायावती की तरह ….. और इस फील्ड के यह घाघ नेता इनका क्या हश्र करते है यह खुद इनके इलावा कोई भी नहीं जानता …..
राजनीति के बाद बात आती है माडलिंग तथा फ़िल्मों से जुड़े हुए क्षेत्र की ….. इसमें नारी कितनी सुरक्षित है यह किसी से कहने या बताने की जरूरत नहीं है ….. लेकिन यहाँ पर उसका रिमोट अलग अलग समय में अलग -२ पुरुषों के हाथो में बदलता रहता है ….. बड़े पर्दे पर दिखने की चाहत की बात तो रहने दीजिए हमारे बुद्धू बक्से में प्रसारित होने वाले धारावाहिकों में भी रोल देने के नाम पर पर्दे के पीछे बहुत कुछ होता है …..
इसके बाद बारी आती है जबरन वैश्याव्रती के धन्धे में धकेल दी गई महिलायों की …. अपने पिछले जन्म के पापों की सज़ा भुगत रही उन बेचारियों के एक ही समय में अनेको हाथों में रिमोट कंट्रोल रहते है जैसे की कोठे वाली बाई और दलाल वगैरह तथा इस पेशे से जुड़े हुए गुंडों के हाथों में …. लेकिन आजकल की आधुनिक हाई फाई सोसाइटी की देन कालगर्ल देखने में चाहे अपनी मर्जी से इस धन्धे में आई हुई दिखती हो लेकिन असल में उसका रिमोट भी किसी ना किसी रूप में किसी पुरुष के हाथ में ही होता है ……
और सबसे ज्यादा दुःख तो तब होता है जब मै इस प्रकार की खबरों को की शादी / नौकरी का झांसा देकर शारीरिक शोषण / बलात्कार करता रहा" )
-----------------------------------------------------------
खाने के बदले विदेशियों ने बनाई न्यूड फिल्म!
रोहतक के प्रोटेक्शन होम में महिलाओं के यौन शोषण का सनसनीखेज खुलासा हुआ। प्रोटेक्शन होम में रहने वाली महिलाओं ने आरोप लगाया है कि अक्सर यहां विदेशी नागरिक आते थे और उनकी नंगी तस्वीरें उतारते थे।महिलाओं की ओर से लगाए गए आरोप गंभीर हैं लेकिन केस दर्ज करने के लिए पुख्ता सबूतों की जरूरत है। "एनजीओ भारत विकास संघ" प्रोटेक्शन होम का संचालन करता है। मई में बाल कल्याण संरक्षण के राष्ट्रीय आयोग ने एनजीओ के दफ्तर पर छापा मारा था। एनसीपीसीआर ने 9 मई को प्रोटेक्शन होम से 10 से 15 की उम्र के 90 नाबालिक को छुड़ाया था। होम की मालकिन जसवंती देवी पर इममोरल ट्रैफिकिंग,प्रताड़ना और बंधुआ मजदूरी को प्रोत्साहित करने का केस दर्ज किया गया था। हरियाणा और पंजाब हाईकोर्ट की ओर से गठित चार सदस्यीय टीम के सामने महिलाओं ने बताया कि मुंबई से आए विदेशी नागरिकों ने उनकी नंगी तस्वीरें उतारी थी। उन्होंने अच्छा खाना और अच्छे कपड़े देने का लालच देकर नंगी फिल्में उतारी थी। जसवंती देवी का दामाद जय भगवान लड़कियों को विदेशियों के आने से पहले सूचित करता था। विदेशी मेहमानों की यहां खूब आवभगत होती थी। ये खुलासे चौंकाने वाले हैं। जांच रिपोर्ट कोर्ट के सामने पेश किए जाने के बाद ही पूरे मामले से पर्दा हटेगा। अगर मामले की जांच हरियाणा से बाहर की किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाती तो पीडितों को न्याय मिलने की ज्यादा गुंजाइश है। सूत्रों के मुताबिक विदेशी लोगों के खिलाफ आरोपों की बात जसवंती देवी से पूछताछ के दौरान भी सामने आई थी। हरियाणा पुलिस ने बुधवार को तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है जो पुलिसकर्मियों द्वारा यौन शोषण के आरोपों की जांच करेगी। आरोप है कि प्रोटेक्शन होम में रहने वाली लड़कियों को चंडीगढ़ में आला अधिकारियों के यहां होने वाली आलीशान बर्थडे पार्टियों में ले जाया जाता था। 18 साल से अधिक उम्र की लड़कियों को पैसे लेकर उम्र दराज लोगों से जबरन शादियां करा दी जाती थीं।
--------------------------------------------------
|
ये उनसभी महिलावों को समर्पित है जो एक माँ हैं,बहन हैं,बीबी हैं,बेटी हैं,दोस्त हैं,प्रेमिका हैं,सहयोगी हैं तथा अन्य हैं।पुज्नीय हैं।जिस घर में महिला की इज्जत नहीं होती वो घर भी नहीं बचता,खान-दान का नाश हो जाता है । आज जो महिलावों पर अपनी मर्दानगी साबित कर रहें हैं तथा दहेज़ हत्या ,भ्रूण हत्या,बलात्कार,छेड़-छाड़ ,मारपीट तथा अन्य घृणित अपराध करते हैं वो असल में अपनी माँ के कोख को गाली देते हैं ।उनके खून में अवश्य कोई गन्दगी होगी। कब तक सहेंगी।कब तक ....
Monday, February 24, 2014
महिलाओं का रिमोट कंट्रोल
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
-
एक नौ साल की लडकी ने ऎसा काम कीया जिसे आप सुनकर हैरान हो जायेंगे। आपको पता है इस नौ साल की छोटी सी लडकी ने सिर्फ सात महीनों मे...
-
ब्राजील। सामान्य महिला का गर्भकाल 9 महीने का होता है। कई बार ये कम भी हो सकता है और एक-दो दिन आगे भी। लेकिन ब्राजील में 84 ...
-
एक ओर हमारे और आपके घर में रोज सुबह रात का बचा हुआ खाना बासी समझकर फेंक दिया जाता है तो वहीं दूसरी ओर कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें एक वक्त...
No comments:
Post a Comment